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दिल्ली-NCR में घर खरीदना हुआ महंगा, सेल हुई कम, फिर भी 12% बढ़े दाम




दिल्ली-NCR में घर खरीदना लगातार महंगा होता जा रहा है, 2026 की तीसरी तिमाही में NCR में आवासीय संपत्तियों की कीमतें सालाना आधार पर 12% बढ़ीं, जबकि बिक् लगभग स्थिर रही.

दिल्ली-NCR में घर खरीदना लगातार महंगा होता जा रहा है. क्षेत्र में आवासीय बिक्री लगभग स्थिर रहने के बावजूद संपत्तियों की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है.औसत कीमतों में वृद्धि देश के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में भी तेज रही है.

ANAROCK Research के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही में NCR में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में सालाना आधार पर 12% की बढ़ोतरी हुई. यह देश के सात प्रमुख शहरों में सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि रही. सातों प्रमुख शहरों को मिलाकर देखें तो इसी अवधि में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमतों में 7% की बढ़ोतरी हुई. बेंगलुरु 8% की सालाना वृद्धि के साथ NCR के बाद दूसरे स्थान पर रहा, वहीं, सातों प्रमुख शहरों में पिछली तिमाही की तुलना में कीमतों में 1% की बढ़ोतरी हुई

आखिर NCR में घरों के दाम इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं?

ANAROCK के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में NCR में करीब 13,765 घरों की बिक्री हुई, पिछली तिमाही की तुलना में बिक्री 3% बढ़ी, लेकिन 2025 की तीसरी तिमाही के मुकाबले इसमें 1% की गिरावट रही. अन्य प्रमुख बाजारों में स्थिति अलग रही.
बेंगलुरु में तीसरी तिमाही के दौरान करीब 16,670 घरों की बिक्री हुई, जो एक साल पहले की समान अवधि से 12% अधिक है. हैदराबाद में बिक्री सालाना आधार पर 15% बढ़कर करीब 12,970 यूनिट रही. 12,970 यूनिट रही. MMR में करीब 31,750 घर बिके, जो सालाना आधार पर 5% अधिक है, वहीं, पुणे में बिक्री 6% घटकर करीब 15,690 यूनिट रह गई. चेन्नई और कोलकाता में भी सालाना आधार पर बिक्री क्रमशः 10% और 4% घटी.
सातों प्रमुख शहरों को मिलाकर 2026 की तीसरी तिमाही में करीब 1,00,220 घरों की बिक्री हुई, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 3% अधिक है. BPTP Limited के अध्यक्ष और CEO माणिक मलिक ने कहा कि प्रमुख बाजारों में आवासीय कीमतों में लगातार बढ़ोतरी किसी सामान्य चक्रीय तेजी के बजाय बाजार में हो रहे संरचनात्मक बदलाव को दर्शाती है.

उन्होंने कहा, "आज घर खरीदार मजबूत बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और सामाजिक सुविधाओं वाले स्थानों को प्राथमिकता दे रहे हैं. इससे लंबे समय में संपत्ति के मूल्य में बढ़ोतरी हो रही है. साथ ही, किराये से मिलने वाले बेहतर रिटर्न से अंतिम उपयोगकर्ताओं की मांग और निवेशकों के भरोसे के बीच संतुलन भी दिखाई देता है."
मलिक ने कहा, "नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बाजार इस रुझान से लाभान्वित हो रहे हैं. यहां लगातार हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास, बेहतर परियोजनाओं और खरीदारों की बदलती प्राथमिकताओं का असर दिखाई दे रहा है. हमारा मानना है कि मजबूत बाजार आधार इस तेजी को समर्थन दे रहा है और लंबे समय में विकास की संभावनाओं वाले बेहतर नियोजित माइक्रो-मार्केट को इसका फायदा मिलता रहेगा."

NCR में नई आवासीय परियोजनाओं में प्रीमियम घरों की हिस्सेदारी ज्यादा

2026 की तीसरी तिमाही में NCR में करीब 10,900 नए आवासीय यूनिट लॉन्च किए गए. यह पिछले साल की समान तिमाही में लॉन्च किए गए 12,645 यूनिट की तुलना में 14%कम है. हालांकि, इस तिमाही में NCR में लॉन्च किए गए नए घरों में 34% से अधिक की कीमत 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा थी. यह बताता है कि बाजार में आने वाली नई आवासीय परियोजनाओं में प्रीमियम घरों की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है. जब नए लॉन्च का बड़ा हिस्सा महंगी श्रेणी में होता है, तो इससे बाजार में संपत्तियों की औसत कीमत भी ऊपर जा सकती है.

सातों प्रमुख शहरों में नई आपूर्ति का सबसे बड़ा हिस्सा 80 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये की कीमत वाले घरों का रहा. इस श्रेणी की हिस्सेदारी 34% थी, इसके अलावा 24% नई आपूर्ति 1.5 करोड़ रुपये से 2.5 करोड़ रुपये की कीमत वाले घरों की रही.हालांकि, NCR में नई आपूर्ति का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों का था.

CRE Matrix की हैदराबाद हाउसिंग रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में शहर में घरों की औसत कीमत सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 2.03 करोड़ रुपये हो गई. हालांकि, कुल यूनिट बिक्री में 13 फीसदी की गिरावट आई. इसका मतलब है कि कम संख्या में बिक्री होने के बावजूद महंगे घरों का बाजार में योगदान बढ़ रहा है.

अहमदाबाद, पुणे और चेन्नई में भी मांग

इस सेगमेंट में अहमदाबाद, पुणे और चेन्नई में भी अच्छी बिक्री हुई. अहमदाबाद में 2,118 घरों की बिक्री से 6,172 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ. पुणे में 2,027 घर बिके और कुल बिक्री 5,507 करोड़ रुपये रही. चेन्नई में 4,009 करोड़ रुपये और कोलकाता में 1,985 करोड़ रुपये के घर बिके.

महंगे घरों की ओर बढ़ रहे खरीदार

'एम3एम इंडिया के प्रेसिडेंट रॉबिन मंगला के मुताबिक, 2 से 5 करोड़ रुपये की कीमत वाले घरों की बढ़ती मांग भारत में प्रीमियम हाउसिंग बाजार के विस्तार को ददर्शाती है. खरीदार अब बड़े आकार के घरों के साथ-साथ बेहतर लोकेशन, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी को भी प्राथमिकता दे रहे हैं.
'आंकड़े बताते हैं कि भारत के बड़े शहरों में खरीदार अब पहले के मुकाबले ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर बढ़ रहे हैं. 2 से 5 करोड़ रुपये का आवासीय बाजार अब भारतीय रियल एस्टेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. बिक्री के कुल मूल्य में बेंगलुरु आगे है, जबकि NCR में इसी कीमत वाले घरों की बिक्री की संख्या ज्यादा रही. 

अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीएफओ संतोष अग्रवाल के मुताबिक, '2 से 5 करोड़ रुपये की कीमत वाले घरों की बढ़ती मांग से प्रीमियम हाउसिंग खरीददारों की बदलती पसंद का पता चलता है. अब खरीदार केवल घर के आकार या कीमत को ही प्राथमिकता नहीं दे रहे, बल्कि घर से मिलने वाली सुविधाओं और पूरे रहने के अनुभव को भी महत्व दे रहे हैं, उन्होंने कहा कि घर का लेआउट, डिजाइन, आधुनिक सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और आसपास का माहौल जैसे पहलू प्रीमियम घर खरीदने के फैसले में अहम भूमिका निभा